Satire

किताब तो छपवानी है… प्रोसेस समझ भी आ गया... लेकिन दूरी ने दिल तोड़ दिया!

पिछले सप्ताह की बात है। हमारी वेबसाइट पर एक लेखक महोदय ने फॉर्म भरकर रजिस्ट्रेशन किया। नाम, ईमेल, फोन नंबर... सबकुछ। हमें भी लगा कि कोई गंभीर लेखक हैं, जो सच में अपनी किताब प्रकाशित कराना चाहते हैं। प्रोटोकॉल के अनुसार, हमारी टीम ने उन्हें कॉल किया। ?…

प्रकाशक, मुद्रक और भ्रमित लेखक: पुस्तक प्रकाशन का त्रिकोणीय रोमांच! 🎭

कभी प्रकाशक की तलाश में भटकते लेखक, आज खुद अपनी किताबें छपवाने में सक्षम हैं। लेकिन ‘सेल्फ पब्लिशिंग’ और ‘सिर्फ मुद्रण’ के बीच जो महीन रेखा है, वही अक्सर लेखक के सपनों को भाप बना देती है। आइए, व्यंग्य के हल्के फुल्के चश्मे से देखते हैं इस भ्रम की पूरी…

सपनों की किताब और साइलेंट लेखक

हर बिजनेस की तरह, हम भी अपने प्रकाशन को बढ़ाने के लिए फेसबुक पर विज्ञापन करते हैं। फेसबुक विज्ञापन की बदौलत रोजाना 50-100 लेखक हमसे जुड़ने के लिए फॉर्म भरते हैं। अब आप सोच रहे होंगे — "वाह! खूब कमाई हो रही है! पैसा ही पैसा, लेखक ही लेखक!" 😆…

भ्रष्टाचार है कि मुरब्बा (व्यंग्य)

लेखक : राजकुमार साहू देखो भाई, यदि आपने भ्रष्टाचार नहीं किया हो तो लगे हाथ यह सौभाग्य पा लो और बहती गंगा में हाथ धो लो। फिर कहीं समय निकल गया तो फिर लौटकर नहीं आने वाला है। भ्रष्टाचार की अभी खुली छूट है, जब जैसा चाहो, कर सकते हो। बाद में न जाने मौका म…

अगर आप ईमानदार है तो......

क्या आप ईमानदार है? क्या आप अच्छी साख रखते है फिर भी उसका उपयोग नही करते? फिर तो आप हमारे देश के सरकारी विभागो मे कार्यरत अधिकारियो और कर्मचारियो की नजरो मे फेल हो और घटिया किस्म के नागरिक हो क्योकि आप किसी भी सरकारी कर्मचारी का भला नही कर सकते। मतलब …

हमदर्दी

धड़ाम! एक तेज आवाज के साथ एक मोटर साईकिल एक साइकिल से टक्कर खा जाती है। आह मर गया, आह मर गया, हे! भगवान, साइकिल सवार लगातार जख्म से कराह रहा था। मोटर साइकिल सवार उसकी हालत देखकर, ओह गॉड, मार डाला। मौके पर ही घटना पर भीड़ इकटठी हो गई और मोटर साइकिल सवार …

बेचारे बाबू या अधिकारी भगवन की ऊपर वाला भेटो से...

पुरातन काल मे कृष्ण, राम, यीशु अनेक पूजनीय महापुरूष हुऐ थे जिन्हे भगवन आदि नाम से पुकारा जाता है परन्तु आज के वर्तमान युग मे आमजनमानस के लिये भगवन रूपी सरकारी बाबू या अधिकारी की महिमा और लीला भी कम नाही है। पुरातन के भगवन गरीब अमीर नही देखते थे परन्तु…

खौफ

अरे गुप्ता जी, कहां हो जल्दी आओ, चौहान जी चिल्लाते हुए गुप्ता जी के घर के बाहर खडे होकर आवाज लगाते है। अरे चौहान जी क्या हुआ जो इतनी सुबह पागलो की तरह चिल्ला रहे हो, गुप्ता जी अंगडाई लेते हुऐ बोले। गुप्ता जी, ये देखो हमने पिछले एक साल से सडको के गडढे …

रिश्वत

हमार देशमा सरकारी कार्यालय मा बैठन वाल अधिकारी बाबू बहुत अच्छे और ईमानदारी पुर्वक कार्य करन वाल है। हम काहे उनकी बुराई करे। हम तो बस उनके गुण बयां कर रहे है। हां! तो हम कह रहे थे हमार देश का अधिकारी रिश्वत नाही लेते है आप सीधे जाकर अधिकारी बाबू को रिश…

भगवन रूपी सरकारी बाबू या अधिकारी की महिमा........

पुरातन काल मे कृष्ण, राम, यीशु अनेक पूजनीय महापुरूष हुऐ थे जिन्हे भगवन आदि नाम से पुकारा जाता है परन्तु आज के वर्तमान युग मे आमजनमानस के लिये भगवन रूपी सरकारी बाबू या अधिकारी की महिमा और लीला भी कम नाही है। पुरातन के भगवन गरीब अमीर नही देखते थे परन्तु…

गरीब की गरीबी के पीछे सबसे अहम रोल भ्रष्टाचार का

कहने को तो हमारा देश विकासशील देशो की श्रेणी मे है और सरकार भी प्रति व्यक्ति आय को देखकर कहती है कि हमारे देश की गरीबो की संख्या कम हो रही है परन्तु वास्तविकता मे गरीबी कितनी है, यह मालूम कैसे लगे। क्या सरकार के पास इसका भी कोई तरीका है। हमारे देश मे …

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