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कश्मीर: तथ्य और कल्पना क्या है?

यह हर कोई कश्मीर के संकट जा पर जानता है. हर कोई जानता है कि एक समस्या बनी रहती है और कई उस पर तदनुसार राय है कि क्या यह राजनीतिक या हमारे 'आम जनता' है, लेकिन हर एक वास्तव में पता है कि कश्मीर की स्थिति क्या है? किसी को क्या वास्तव में इसे का व…

जादू नहीं, बड़ा राजनीतिक झटका

आंदोलन स्थल जरूर 'जंतर-मंतर' रहा है लेकिन यहाँ से जादुई चमत्कार नहीं हो सकता। वैसे भी महाराजा जयसिंह ने सूर्य-चंद्र की गति तथा ग्रहों के अनुसार सही समय का अंदाज लगाने के लिए दिल्ली, जयपुर, उज्जैन में वेधशालाएँ बनाईं और उन्हें 'यंत्र महल&#…

उत्तर प्रदेश में भी भ्रष्ट अफसरों की कमी नहीं

बिहार में आज आईएएस एसएस वर्मा भ्रष्टाचार की मिसाल बने हुए हैं तो उत्तर प्रदेश में भी भ्रष्ट वर्मा जैसे आईएएस अधिकारियों की कमी नहीं है। यूपी में भी नौकरशाहों के खिलाफ आय से अधिक और कुर्सी के दुरुपयोग के दर्जनों मामले चल रहे हैं, लेकिन अपवाद को छोड़कर क…

गरीबी की लक्ष्मण रेखा

लेखक: - एल. आर. गाँधी भारत से गरीब और गरीबी को मिटाने के भागीरथ परियास पिछले छह दशकों से जारी हैं … मगर गरीबी रेखा के साथ साथ ..गरीब हैं कि बढ़ते ही जा रहे हैं. अब हमारे मोहन प्यारे जी ने अपने अर्थ शास्त्रों के विशाल अनुभव के बल पर अंतिम घोषणा कर दी ह…

ऐसे बनता है देश का बजट

देश की आर्थिक दिशा तय करने और आय-व्यय का ब्योरा पेश करने के लिए देश की सरकार हर वर्ष संसद में बजट पेश करती है। पर इससे पहले काफी विस्तार से बजट पर चर्चा भी की जाती है। ताकि कोई चूक न हो जाए। हर साल देश की आय-व्यय की विस्तृत जानकारी देने के लिए सरकार स…

मम्मू जल्लाद को भी हताश करती थी देश की दुर्दशा

मम्मू जल्लाद नहीं रहा। यह खबर सुन कर कुछ अजीब सा लगा। मैं जानता हूं कि उसके नाम के पीछे जल्लाद का ठप्पा भले ही लग गया था, लेकिन वह भी आम लोगों की तरह संवेदनशील था। उसकी सोच आम भारतीयों जैसी ही थी। बड़े-बड़े अपराधियों को फांसी के फंदे पर लटकाने वाले मम…

मानवाधिकार घोषणा पत्र

कोई मनुष्य किसी का दास नहीं है सभी मनुष्य अपने अधिकारों के लिए जन्मजात स्वतंत्र और समान हैं। घोषणापत्र में निर्धारित मानवाधिकार हर नस्ल, राष्ट्रीयता, धर्म और वर्ग के व्यक्ति के लिए समान हैं। * हर मनुष्य को जीवनयापन करने, स्वतंत्र रहने और अपनी रक्ष…

मंत्री मालामाल, आम आदमी कंगाल

सरकार ने एक बार फिर आम आदमी पर दोहरा शिकंजा कस दिया है I पेट्रोल के दाम 3 .14 रुपये बढ़ा कर जहाँ सरकार ने मंहगाई को हवा दी है वहीँ ब्याज दरों में वृद्धि से उद्योग – व्यापार जगत के साथ मध्य वर्ग का भी कचूमर निकल दिया है l पिछली बार लगभग 4 माह पूर्व पेट…

थोड़ी सी पी लेने दो

हलक में शराब के दो घूँट उतरने के बाद इंसान की ज़ुबान बे-लगाम हो जाती है यह तो पता था, मगर असह्य बदबू का वास होने के बावजूद भी मुँह में उसके सरस्वती आ बिराजती होंगी नहीं पता था। फिल्म अभिनेता ओम पुरी ने अन्ना के मंच से शराब के नशे में धुत्त होकर नेताओं …

India Against Corruption : उधार की औकात पर लोकतंत्र से लड़ाई, कुल मिलाकर दो बार

कुल मिलाकर दो बार। पहली बार एक लाख बहत्तर हजार डॉलर। और दूसरी बार एक लाख सत्तानवे हजार डॉलर। दोनों को जोड़कर देखें तो कुल मिलाकर तीन लाख उनहत्तर हजार डॉलर। एक डॉलर यानी आज की तारीख में हमारे हिंदुस्तान के 46 रुपए। 3 लाख 69 हजार डॉलर को भारतीय मुद्र…

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