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कवि, कलम और कलमकार

वैचारिक वेश्यावृत्ति, बनी देश का काल, कलम वेश्या बन गई, छायाकार दलाल, बुद्धू बक्सा बन गया, बहुत बड़ा होशियार, उसे पूजने में लगे, कलमकार सरदार, सत्ता के गलियारों में, है कोई मायाजाल, कुछ अचरज मत मानिए, गर मिल जाएँ दलाल कलमक…

कवि, कलम और कलमकार

वैचारिक वेश्यावृत्ति, बनी देश का काल, कलम वेश्या बन गई, छायाकार दलाल, बुद्धू बक्सा बन गया, बहुत बड़ा होशियार, उसे पूजने में लगे, कलमकार सरदार, सत्ता के गलियारों में, है कोई मायाजाल, कुछ अचरज मत मानिए, गर मिल जाएँ दलाल कलमकार के रहनुमा, बन गए धन्नासेठ,…

स्वयं से पूछो, “मैं कौन हूं?”

”मैं कौन हूं?” जो स्वयं से इस प्रश्न को नहीं पूछता है, उसके लिए ज्ञान के द्वार बंद ही रह जाते हैं. उस द्वार को खोलने की कुंजी यही है. स्वयं से पूछो कि ”मैं कौन हूं?” और जो प्रबलता से और समग्रता से पूछता है, वह स्वयं से ही उत्तर भी पा जाता है. कारलाइल…

"उम्मीद" अभी बाकी है !!!

सपनो को पंख लगे है , उड़ान अभी बाकी है, राह से रोड़े हटे है चट्टान अभी बाकी है इक लहर को पार कर य़ू बैठ न आराम से समंदर में आना, उफान अभी बाकी है बैठ न य़ू हार के इस जंग-ए-मैदान में तीर न तो न सही, कमान अभी बाकी है नाउम्मीद ना हो देख इन मुर्दों को शहर…

उनकी दुनिया के बाहर

चित्रकारो, राजनितिज्ञो, दार्शनिको की दुनिया के बाहर मालिको की दुनिया के बाहर पिताओ की दुनिया के बाहर और बहुत से काम करती है। वे बच्चे को बैल जैसा बलिष्ठ नौजवान बना देती है। आटे को रोटी मे कपड़े को पोशाक में और धागे को कपड़े मे बदल देती है। वे खंडहरो को …

टाईम पास

ट्रेन की बोगी मे वो चिल्ला रहा था बाबू जी मुंगफली ’टाईम पास’। उसकी प्राकृतिक सुन्दरता और कोमलता को दरिद्रता ने मलिन कर रखा था। ये मुंगफली भी क्या चीज है जो एक तरफ यात्रियो का टाईम पास करती है वंही दूसरी ओर उसकी जीविका की प्रमुख शर्त है। ये मुंगफली यात…

आंसू

दर्दे दिल को बहाते है आंसू गम-ए-चिराग बनकर जलते है आंसू खुषी के पल मे भी निकलते है आंसू मन के बोझ को हलका करते है आंसू कभी मन को भिगो जाते है आंसू मिलन की प्यास बन जाते है आंसू दर्द-ए-जुदाई मे निकल जाते है आंसू आंखो को धो जाते है आंसू कभी आंखो को सू…

मै जिन्दगी की राह बनाने मे रह गया

मै जिन्दगी की राह बनाने मे रह गया।  सोया हुआ नसीब जगाने मे रह गया।। तूफान मे सारा मकान ढ़ेर हो गया।  मै दीवार और दर को सजाने मे रह गया।। मेरे करीब न आ सकी मेरी नेकिया। मै दूसरो पर दोष लगाने मे रह गया।। मै रेत का महल था मुझे ढहा दिया गया। दुनिया को अपना…

हाँ पापा, मैंने प्यार किया था

हाँ पापा, मैंने प्यार किया था उसी लड़के से जिसे आपने मेरे लिए ढूँढा था। उसी लड़के से जो बेटा था आपके ही मित्र का। हाँ पापा, मैंने प्यार किया था बस उसी से। हाँ पापा, मैंने प्यार किया था उसी लड़के से जिसे आपने मेरे लिए ढूँढा था। उसी लड़के से ज…

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